दाल रोटी चावल सदियों से नारी ने इसे पका पका कर राज्य किया हैं , दिलो पर , घरो पर। आज नारी बहुत आगे जा रही हैं सब विधाओं मे पर इसका मतलब ये नहीं हैं कि वो अपना राज पाट त्याग कर कुछ हासिल करना चाहती हैं। रसोई की मिलकियत पर से हम अपना हक़ तो नहीं छोडेगे पर इस राज पाट का कुछ हिस्सा पुरुषो ने होटल और कुछ घरो मे भी ले लिया हैं।

हम जहाँ जहाँ ये वहाँ वहाँ

Saturday, September 27, 2008

पालक पनीर


मिक्सी मे पालक १०० ग्राम ,
१ छोटा टमाटर ,
१ छोटा प्याज पीस ले







कढाई मे धारा डाले और २ सूखी लाल मिर्च , जीरा और मेथी दाना दाल कर चटकाऐ.






अब इसमे एक टमाटर कांट कर डाले और कसूरी मेथी की कुछ पत्तियाँ डाले और पकाए







१५० ग्राम पनीर ले







पनीर के टुकडो को कढाई मे डाले
और २ मिनट तक फ्राई करे
और इसमे स्वाद अनुसार हल्दी , नमक ,
पिसी लाल मिर्च और पिसा धनिया डाले और हल्का सा भूने



अब इसमे पीसी हुई पालक + टमाटर +प्याज डाले और उतनी देर पकाए जितनी दे बाद नीचे का चित्र खीचा गया है







पालक पनीर परसने के लिये तैयार है

Sunday, September 21, 2008

लौकी के कोफ्ते

बड़ा डर टाइप लग रहा है, एक नौसिखिया बेचलर एक्सपर्ट लोगों की मंडली में शामिल हो कर विधि बता रहा है॥ दिल में 'धरती फट जाए और मैं इसमे समा जाऊँ', वैसे वाली फीलिंग आ रही है!
खैर, ओखली में सर दिया तो मूसल से क्या डरना।

सामग्री:
लौकी
बेसन
आलू (आवश्यक नहीं)
प्याज २ बारीक कटे हुए
टमाटर २ छोटे छोटे कटे हुए (टमाटर की प्यूरी हो तो और बेहतर)
हल्दी पीसी १/२ चम्मच
धनिया पिसा २ चम्मच
लाल मिर्च पीसी १/४ चम्मच
नमक स्वाद अनुसार


लौकी को छील कर ६ इंच के टुकड़े कर लें। इसको उबाल लीजिये, कुकर की एक सीटी काफ़ी होगी। ठंडा कर के इसके बीज निकाल दीजिये। (मैं ऐसे करता हूँ, आप चाहें तो बीज निकालने के बाद उबलने के लिए रखिये, बस टुकड़े बड़े होने चाहिए नहीं तो आगे थोडी मुश्किल हो सकती है.)

लौकी को मुट्ठी में दबाकर पानी निकाल दीजिये (यह पानी फेकने के बजाये आता गूथने के काम में उपयोग कीजिये) इस दबाई हुई लौकी में नमक, मिर्च मिला लीजिये। अब आप चाहे तो उबले और मैश किए हुए आलू मिला सकते हैं। बेसन मिलाइए जब तक आप इस मिश्रण से छोटे छोटे गोले नहीं बना पाते। गोले थोड़े ठोस होने चाहिए, ये न हो कि ग्रेविटी से ये गोल से चपटे हो जाएं!

इन गोलों को तेल में तल लीजिये जब तक ये भूरे-लाल न हो जाएं।

तेल गर्म कीजिये, प्याज सुनहरे होने तक भून लीजिये (चुटकी भर नमक डालने से यह प्रक्रिया तेज़ हो जाती है!) टमाटर (या टमाटर की प्यूरी ४ चम्मच) और बाकी मसाले डाल कर दो मिनिट पकाइए. ग्रेवी अच्छी सी हो तो मज़ा ही कुछ और होता है! पानी ज़्यादा मत डालियेगा।

अब इस ग्रेवी में तले हुए गोले डाल दीजिये। थोड़ी देर तक ढक कर पकने दीजिये जिससे ग्रेवी का स्वाद इन के अन्दर तक समा जाए।

लौकी के कोफ्ते बन गए :)

(कुछ गलती हुई हो तो नादान समझ कर माफ़ कीजियेगा। इसको बेहतर बनाने के तरीके आपको पता ही होंगे, वो भी बताइयेगा.)

Thursday, September 18, 2008

एक परम स्वादिष्ट कविता "अरहर की दाल"

कोई व्यंजन विधि नहीं लाया हूं. आप लोगों के वास्ते हिन्दी के वरिष्ठ कवि श्री इब्बार रब्बी की एक कविता पेश है, जिसे पढ़कर मुंह के स्वादतंतु उत्तेजना की चरम अवस्था को प्राप्त होने लगते हैं और जब तक आप अरहर की दाल को रब्बी साहब की तरह नहीं खा लेते, आपका चित्त अशान्त रहेगा:

अरहर की दाल

कितनी स्वादिष्ट है
चावल के साथ खाओ
बासमती हो तो क्या कहना
भर कटोरी
थाली में उड़ेलो
थोड़ा गर्म घी छोड़ो
भुनी हुई प्याज़
लहसन का तड़का
इस दाल के सामने
क्या है पंचतारा व्यंजन
उंगली चाटो
चाकू चम्मच वाले
क्या समझें इसका स्वाद!

मैं गंगा में लहर पर लहर
खाता डूबता
झपक और लोरियां
हल्की-हल्की
एक के बाद एक थाप
नींद जैसे
नरम जल
वाह रे भोजन के आनन्द
अरहर की दाल
और बासमती
और उस पर तैरता थोड़ा सा घी!

(रचनातिथि: अट्ठारह जनवरी १९८२)

सूजी की खीर

kheer

एक बार मन किया कि इस फोटो को कहीं लगा कर पहेली बूझने को कहूँ कि क्या है?
क्या आपने सूजी का हलुआ बनाया है. सबको खिलाने के बाद और खुद खा लेने के बाद भी बच गया.
एक बेहतरीन डिश बताते हैं. उन्हीं मेहमानों को जिन्हें नाश्ते में हलुआ खिलाया था. खाने के साथ डिजर्ट में सूजी की खीर खिलवाओ.
करना क्या है?
हलुए को लेकर एक पेपर टावेल में थोड़ा दबा कर उसका घी कम लेवें, जितना संभव हो. फिर उसे किनारे रख लें.
एक भगोने में दूध गरम करने चढ़ा दें हल्की आंच पर. धीरे धीरे गुलाबी होने दें उस दूध को. हल्का गुलाबी होने पर यह हलुआ उसमें डाल दें. सबके साथ दूध में मिलाकर चलाते रहें. कई बार टुकडे बन जाते हैं, उन्हें गरम होते होते दो चम्मच के बीच में दबा कर तोड़ दें. अंत में केसर की थोड़ी सी मात्रा-फिर, परोसने के लिए जिस स्टाईल में चाहें.
आशा है, सरलतम डिजर्ट पसंद आया होगा

Monday, September 15, 2008

दम आलू गोभी पनीर

आलू ४ छील कर चाकू से गोद ले
मध्यम आकार का फूल गोभी डंठल हटा कर बिना कटा
पनीर के ४ मोटे मोटे पीस
प्याज २
टमाटर २
हरीमिर्च २
हल्दी पीसी १/२ चम्मच
धनिया पिसा २ चम्मच
लाल मिर्च पीसी १/४ चम्मच
नमक स्वाद अनुसार
सफ़ेद मक्खन २ चम्मच
देसी घी 1 चम्मच
सरसों का तैल ४ बड़ी चम्मच
गोभी और आलू को कुकर मे डाल कर इतना पानी डाले की सब्जियाँ पानी के अंदर हो । अब इनको २-३ मिनट तक प्रेसुरे कुक करे और तुंरत स्टीम निकल कर पानी से निकल ले । पानी को फेके नहीं ।
मिक्सी मे सब मसाले , टमाटर , प्याज और हरी मिर्च डाल कर एक पेस्ट बना ले ।
एक नॉन स्टिक कढाई मे सरसों का तैल गरम करके ये मसाला उसमे डाले । इसको हल्का सा भूने ज्यादा नहीं क्यो की ये सब्जी पकने तक अपने आप भुन जाता हैं ।
अब इसमे बीच मे गोभी और चारो तरफ़ से आलू डाले और पनीर के पीस भी ।
इसमे सफ़ेद मक्खन डाले ताकि रंग गोल्डन हो जाए ।
इसके बाद इसमे अंदाज से vegitable stock यानी वो पानी जिसमे आपने गोभी और आलू उबाले थे डाले । पानी बहुत कम डाले ताकि सब्जी मे करारा पन रहे ।
अब इसको ढक्कन लगा कर उतनी देर पकाए जितना समय का अन्तराल आप को चित्रों मे दिये गए टाइम पर दिख रहा हैं । !!!!!
गोभी , आलू और पनीर को एक बार ही पलटे ताकि क्रिस्प रहे ।
अब इसमे देसी घी डाले और परसे ।
आसान हैं , समय भी नहीं लगता !!!!!!!