दाल रोटी चावल सदियों से नारी ने इसे पका पका कर राज्य किया हैं , दिलो पर , घरो पर। आज नारी बहुत आगे जा रही हैं सब विधाओं मे पर इसका मतलब ये नहीं हैं कि वो अपना राज पाट त्याग कर कुछ हासिल करना चाहती हैं। रसोई की मिलकियत पर से हम अपना हक़ तो नहीं छोडेगे पर इस राज पाट का कुछ हिस्सा पुरुषो ने होटल और कुछ घरो मे भी ले लिया हैं।

हम जहाँ जहाँ ये वहाँ वहाँ

Wednesday, January 7, 2009

गाजर स्मूदी

नमस्कार
दाल रोटी चावल पर अक्सर आती जाती हूँ, आप सबकी रेहिपी मुझे और घर मे सबको बहूत अच्छी लगती हैं। मै भी अपनी पसंदीदा गाजर स्मूदी भेज रही हूँ। अब नाम क्या रखना है यह सोचा नही, मेरा मतलब तो खाने पीने से है। नामकरण आप खूद ही कर लिजीयेगा।
२ ग्लास बनाने के लिये-
४ मध्यम आकार के गाजर
हरी धनिया (२ चम्मच)
दही १ ग्लास
नमक- स्वाद अनुसार
काली मिर्च पाऊडर- आधा चम्मच
भुने धनिया का पाऊडर- एक चम्मच
सोंठ पाऊडर- १/४ चम्मच
पूदीना पत्ती सजाने के लिये
गाजर साफ करके टुकडे़ कर लें, अब धनिया के साथ उसका पेस्ट बनायें, दही और जरूरत हो तो पानी मिलाये।
स्मूदी मे नमक और सारे मसाले मिलायें। लिजीये मुश्किल से ५ मिनट हेल्दी और टेस्टी स्मूदी तैयार है।
ग्लास मे निकाले और पूदीना पत्ती से सजाकर इसके मजे लें।


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Dr. Garima Tiwari (B.A.S.M)
Gold medal in Reiki
Specialized in P.K.M (Power key meditation), Face Reading, Aura Reading, Aura healing, Medtational Healing.
Functional Area-
Treatment- mental problems, memory power, respiratory problems, nerve disorder, heart problem, skin problem.
Healing- Environment, Relationship, Infant.
Boosting- Career opportunities, Luck. Wealth.
http://jeevanurja.blogspot.com

http://me-and-nothing.blogspot.com

http://powerkeymeditation.blogspot.com

Thursday, January 1, 2009

मूंगफली की चकली !

हमारी रसोई बहुत दिनों से खाली पड़ी है, कुछ नया बन ही नहीं रहा है। चलो नए साल के पहले दिन कुछ तो पका लें और जो यह शुरुआत है वह चलती रहे। भला रसोई कभी सूनी भी रहती है। क्या सब आजकल पार्टी मनाने घर के बाहर ही चले जा रहे हैं।
हमने सोचा कि चलो मुंह मीठा ही कर लिया जाए।

सामग्री:
मूंगफली दाने १०० ग्राम,
शक्कर करीब २०० ग्राम,
देशी घी दो चम्मच

विधि:

मूंगफली दानों को पैन में डाल कर भून लें, बिना घी के ही भूने और फिर उनका छिलका उतार कर एक तरफ रख ले। इसको दोनों ही प्रकार से प्रयोग कर सकते हैं। चाहें तो उसको दरदरा पीस लें या फिर दो टुकड़े हो जाएँ ऐसे कर लें।
पैन में थोड़ा सा पानी और एक चम्मच देशी घी डाल कर गर्म करें और उसमें शक्कर डाल दें, उसको बराबर चलती रहें। शक्कर एकदम घुल जाए तो गैस बंद करके उसमें मूंगफली के दाने डाल कर अच्छी तरह से मिला लें। उसको ,चकले पर देशी घी लगा कर जो पहले से ही तैयार रखेंगे, चकले पर पलट कर बेलन से फैला लें। जीतनी मोटी आप रखना चाहें। वैसे १ या २ सेंटीमीटर मोटी ठीक रहती है।

बस तैयार आपकी स्वीट डिश और आप इसको खाए और खिलाएं । कुछ भी बाहर लेने नहीं जाना । सब घर में है और घर में बना कर खाएं और हमें बस बता लें की कैसी लगी?

Wednesday, December 31, 2008

आप सब को नया साल शुभ हो ।

२००९ का आगमन हो रहा हैं ।
आप सब को नया साल शुभ हो ।
हमारे देश मे सदा शान्ति रहे और हम हमेशा हर जरुरत पर एक दूसरे के लिये खडे हो ।
हर आने वाला साल नई उम्मीदे लाता हैं
पर
बीते साल की यादे भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं ।
यादो को याद रखेगे तो उम्मीदे भी पूरी होगी
क्युकी
आज जो उम्मीद हैं कल वह ही याद होगी
२००८ को याद करते हुए चलिये चलते हैं २००९ मे
सफर यादो से उम्मीदों का

Saturday, December 13, 2008

लिखिये अपनी पंसदीदा विधि

freelancetextiledesigner.daalrotichaawal@blogger.com

ऊपर दिये गए ईमेल आईडी पर अपनी पसंद की रेसेपी पोस्ट करे . पोस्ट आप को अगले दिन दाल रोटी चावल ब्लॉग पर दिखने लगेगी । सदस्यों ने काफ़ी विधियां डाली हैं पर बहुत से भारतीये व्यंजन और भी होगे जिनको हम नेट पर एक दुसरे से बाँट सकते हैं । भारतीये व्यंजनों के अलावा भी विधियों को जानने की उत्सुकता हैं और वो विधियां जो कम समय मे बनती हो ।
लिखिये अपनी पंसदीदा विधि और ईमेल करिये
freelancetextiledesigner.daalrotichaawal@blogger.com

विधि के नीचे अपना और अपने ब्लॉग का नाम जरुर दे

Wednesday, December 10, 2008

अलग स्वाद में आलू!

आलू सब्जियों का राजा है और इसके बिना सब्जी कम ही बनती हैं। मैं भी आपको वही आलू और टमाटर के नए स्वाद से परिचित करती हूँ। इसको वैसे भी बना कर खा सकते हैं और अगर व्रत के लिए बनाना हो तो देशी घी का प्रयोग करके बना कर देखिये और फिर बताइए इसको और इसके स्वाद को।

सामग्री:
लाल टमाटर एक पाव
उबले हुए आलू एक पाव
हरी धनिया
आधा चम्मच जीरा
हरी मिर्च स्वादानुसार
नमक स्वादानुसार

विधि:
पैन में तेल डालकर गर्म करें और गरम होने पर उसमें जीरा और हरीमिर्च काटकर दाल दें। जब जीरा स्याह हो जाए तो उसमें थोडी सी हल्दी और टमाटर काट कर डाल दें। इन टमाटरों को अच्छी तरह से भूनना है , जबतक की उसका रंग एकदम से ब्राउन न हो जाए। रंग बदलने पर इसमें हरी धनिया की पट्टी पीस कर डालें और थोडी देर और भून लें। अबा इसमें उबले हुए आलू तोड़कर डालें उनको चाकू से काटकर न डालें। अच्छी तरह से भून लें। अगर पसंद हो तो इसमें हल्का सा पानी डालकर पका लें तो गाढी सी करी भी तैयार हो जायेगी। इसको रोटी , पराठा या फिर चावल के साथ खाएं। फिर अच्छी लगे तो मुझे खुशी होगी और पसंद न आए तो गालियाँ मत दीजिये।
इसको व्रत के लिए भी प्रयोग कर सकते हैं , बस नमक की जगह सेंध नमक का प्रोयोग करे और तेल के स्थान पर देशी घी का प्रयोग करें।