दाल रोटी चावल सदियों से नारी ने इसे पका पका कर राज्य किया हैं , दिलो पर , घरो पर। आज नारी बहुत आगे जा रही हैं सब विधाओं मे पर इसका मतलब ये नहीं हैं कि वो अपना राज पाट त्याग कर कुछ हासिल करना चाहती हैं। रसोई की मिलकियत पर से हम अपना हक़ तो नहीं छोडेगे पर इस राज पाट का कुछ हिस्सा पुरुषो ने होटल और कुछ घरो मे भी ले लिया हैं।

Sunday, July 5, 2009

बाजरा खिचडी


बाजरा खिचङी

एक कटोरी बाजरा
आधी कटोरी मुँग व चना दाल
थोङा नमक

बाजरा धो कर पानी निकाल दें। कुछ देर गिला रहने दें।
कुकर में दालें व एक गिलास पानी डाल कर गैस पर चढा दें।
एक सीटी लगवा कर गैस बंद कर दें।
बाजरा मिक्सी में डाल कर चलाऐं, दरदरा कर के निकाल लें।
पानी मिला कर कुकर में दाल दें, दाल व दरदरे बाजरे को एक गिलास
पानी डाल कर अच्छी तरह मिलाऐं। गैस पर रख कर एक सीटी लगवाऐं।
अब गैस धीमी कर के आधा घंटा पकाऐं।
स्टीम कम होने पर ढक्कन खोल कर चम्मच से अच्छी तरह मिला कर
मक्खन के साथ गरम-गरम परोसें।

Friday, July 3, 2009

स्मूथी : एक स्वादिष्ट पेय

आजकल के मौसम के हिसाब से एक बेहतरीन पेय बताता हूँ. मजेदार, स्वास्थवर्धक और बहुत कम कैलोरी.

स्मूथी

सामग्री: (दो गिलास के हिसाब से)

१० स्ट्राबेरी

१०-१२ काले अंगूर

१ गिलास दही

६ काजू

६ अखरोट के आधे टुकड़े

६ बादाम

१ चम्मच शक्कर


स्ट्राबेरी और अंगूर को चॉपर में ग्रेट कर लिजिये. जूस नहीं निकलाना है. बस, छोटे छोटे कतरे होकर एक दूसरे से मिल जाये. दही को लस्सी जैसे फेंट लिजिये थोड़ा गाढ़ा सा. इसमें मिठास के लिए एक चम्मच शक्कर मिला दिजिये या यदि चाहें, तो एक चम्मच शहद डाल दें. काजू, अखरोट और बदाम के छोटे छोटे टुकड़े कर दिजिये चाहे तो चॉपर में ही.

अब स्ट्राबेरी और अंगूर का मिक्स दो गिलासों में नीचे भर दें. उस पर से दही का मिक्स डालें और काजू अखरोट और बदाम के मिक्स का उस पर छिड़काव कर दें. पेय तैयार.


इसे चम्मच से खायें.

मस्त है ब्रेकफास्ट के लिए और फिलिंग भी. लंच तक एकदम तरोताजा रखेगा.

Tuesday, June 23, 2009

एक टिप दही बड़े बनाने हो तो बहुत काम आती हैं

जब भी उर्द की दाल के दही बड़े बनाने हो तो रात मे दाल भिगोते समय ही उसमे खाने वाला सोडा मिला दे । सुबह दाल
को धो कर पीस ले । इस प्रकार से बड़े मे तैल कभी नहीं भरेगा ।

Sunday, June 21, 2009

एक बहुत उपयोगी टिप

अगर आप को तरी वाली सब्जी का रंग एक दम लाल चाहिये और आप तीखा कम खाते हैं तो मसाले मे हल्दी के साथ एक चुटकी भर खाने वाला सोडा मिला ले । अब जब आप मसाला भुनेगे तो एक दम लाल होगा और तरी भी लाल बनेगी ।

Tuesday, June 16, 2009

ग्वार पाठे की खट्टी-मीठी सब्जी






ऎसा नही की राजस्थान से खाली हाथ आये हैं आपके लिये लाये हैं ग्वारपाठे की खट्टी-मीठी सब्जी।
तो लीजिये बनाने के लिये तैयार हो जाईये...
ग्वार पाठा एक हर्ब ही नही एक स्वादिष्ट सब्जी भी बन सकता है जिसे आप खुशी-खुशी किसी भी समय पर बना सकते हैं...:)

सामग्री--चार लोगों के लिये
ग्वारपाठे की मोटे दल वाली फ़ांकें(जिसे पत्तियाँ या तना भी कह सकते है जिसके दोनो तरफ़ काँटे होते हैं)---2
देशी घी- 2 छोटे चम्मच
अजवाईन--- 1 छोटा चम्मच
हींग-- 1/6 छोटी चम्मच
गुड़ अथवा चीनी---25 ग्राम( 1/2 कफ पानी में भिगो दें)
मिर्च----1 छोटा चम्मच
हल्दी---1/2 छोटा चम्मच
धनियां---2 छोटे चम्मच
अमचूर---2 छोटे चम्मच
नमक---दो छोटे चम्मच







बनाने की विधि---
सबसे पकले ग्वारपाठे की दोनो फ़ाँके अच्छी तरह से छील लीजिये,
उनके छोटे-छोटे टुकड़े कर दीजिये
उन टुकड़ों को एक पतीले में पानी भर कर डाल दीजिये
उनमें डेढ़ चम्मच नमक व चुटकी भर हल्दी भी मिला दीजिये
उन टुकड़ों को पंद्रह मिनिट तक ऎसे ही पड़ा रहने दीजिये
उनके रंग में थोड़ा बदलाव होगा व लार की मात्रा भी कम हो जायेगी
अब ग्वारपाठे के टुकडो़ को पानी से अच्छी तरह धोकर कुछ देर छलनी में रहने दीजिये
एक कड़ाही में दो चम्मच देशी घी डालिये
घी के गर्म होने पर उसमे अजवाईन,हींग डालिये
जैसे ही बघार आने को तैयार हो जाये धुले हुए ग्वारपाठे के टुकड़े कड़ाही में छोड़ दीजिये
बचा हुआ आधा चम्मच नमक,हल्दी,धनिया,गरम मसाला डाल कर मिलाईए
पाँच मिनिट बाद पक जाने पर गुड़ अथवा चीनी जो पानी में घुल गया होगा सब्जी में छोड़ दीजिये
अमचूर डाल कर अच्छी तरह से पकाईये
रंग और स्वाद ही नही यह सब्जी लाजवाब बनेगी...जैसे चाहे खाईये
रोटी या पराँठे के साथ या ऎसे ही आप भी अँगुलियां चाटते रह जायेंगे।
सुनीता शानू