दाल रोटी चावल सदियों से नारी ने इसे पका पका कर राज्य किया हैं , दिलो पर , घरो पर। आज नारी बहुत आगे जा रही हैं सब विधाओं मे पर इसका मतलब ये नहीं हैं कि वो अपना राज पाट त्याग कर कुछ हासिल करना चाहती हैं। रसोई की मिलकियत पर से हम अपना हक़ तो नहीं छोडेगे पर इस राज पाट का कुछ हिस्सा पुरुषो ने होटल और कुछ घरो मे भी ले लिया हैं।

हम जहाँ जहाँ ये वहाँ वहाँ

Wednesday, November 6, 2013

तरला दलाल नहीं रही।

अलविदा तरला जी
अभी कल परसों ही यूट्यूब पर तरलाजी की आलू का पराठां बनाने की रेसेपी देख रहे थे और आज यह दुख:द खबर।
हम जैसे नौसखियों के लिए आप प्रेरणा स्त्रोत थीं तरला जी। आपके टीवी शोज को देख देख कर तो हमने खाना बनाना सीखना शुरू किया था।

आप हमेशा याद रहेंगी! अलविदा तरला जी

Thursday, October 24, 2013

बिना प्याज़ के बनी मटर पनीर


तस्वीर गुगल से ली गई है लेकिन इस विधि द्वारा भी इसी रूप में सब्जी बनेगी

दोस्तों प्याज़ ने सभी का बुरा हाल किया हुआ है। जब कोई मुझे कहता है कि प्याज़ के बिना सब्जी में स्वाद नही तो मुझे बहुत आश्चर्य होता है क्या हमारे पूर्वज़ जो बिना प्याज़ के भोजन पकाया करते थे स्वादिष्ट नही हुआ करता था? माँ हमेशा कहा करती थी मुझे बेटी सीमित साधनों में जो घर में रखा है उसी से ऎसा भोजन पका दे की खाने वाले अँगुलियां चाटते रह जायें तो समझो उसके हाथों मे साक्षात माँ अन्नपूर्णा विराजमान है।

आपको कुछ ऎसे प्रयोग बताती हूँ जो तरी वाली सब्जियों में प्याज़ की जगह प्रयोग में लिये जा सकते हैं। फ़ेसबुक पर मेरे एक मित्र ने कद्दू बताया। सच कहूं मैने कद्दू का प्रयोग नही किया है लेकिन हो सकता है।
मैने जो सब्जियां इस्तेमाल की है उनमें प्रमुख है हरी ककड़ी, या खीरा ककड़ी।

विधि:---

पनीर-- एक पाव
मटर- एक पाव
टमाटर- एक पाव
ककड़ी- डेड़ सौ ग्राम
शिमला मिर्च- एक
ब्रेड- दो स्लाइस
हरी मिर्च-दो या तीन ( ज्यादा तीखी न हों)
कसूरी मेथी- दो स्पून
नमक- स्वादानुसार
लाल मिर्च- स्वाद अनुसार
जीरा छौंक के लिये
मसाला मिक्स-- दालचीनी,जावित्री,लौंग, धनियां, अमचूर,हल्दी,जायफ़ल,स्टार एनीसीड, बड़ी इलायची,काली मिर्च सभी को पीस कर बनाया गया

पकाने की सामग्री तैयार है.... सबसे पहले पनीर के छोटे-छोटे टूकड़े करके रख लें। टमाटर को कद्दूकस कर लें। ककड़ी को भी कद्दूकस कर लें। हरी मिर्च तथा शिमला मिर्च भी लम्बाई में काटें। ब्रेड की स्लाइस का ब्राऊन भाग हटा कर जरा से पानी में भिगों दे तथा अच्छॆ से चम्मच से मैश कर लें। मटर भी एक गिलास पानी में एक भाप तक पतीले में ढक कर पकायें।

अब कड़ाई में  दो बड़े चम्मच तेल गरम करें इसमें काटे हुए पनीर के टुकड़े सुनहरा तलें।
अब इसी कड़ाही में जीरा डाल कर ककड़ी कद्दूकस की हुई डाल दें( कद्दूकस एकदम बारीक होना चाहिये)
अब इसमें टमाटर, हरी मिर्च, शिमला मिर्च डालिये तथा जब तक सारा मिश्रण तेल न छोड़ दे चलाते रहिये।
तेल छोड़ते ही मसाला मिक्स तीन चम्मच डाल दीजिये। मसाला अच्छे से पकने लगे तो ब्रेड का मिश्रण डाल कर जल्दी-जल्दी चलायें। थोड़ी ही देर में ्ग्रेवी पककर तैयार हो जायेगी। इसमें लाल मिर्च जैसी आप खाते हैं डाल कर मटर छोड़ दें साथ ही मटर का पानी भी इसी में डालें। कुछ देर पकने दें। जरा सा गाढ़ा होते ही पनीर डाल कर तीन मिनिट पकायें। ऊपर से कसूरी मेथी डालकर स्वाद का मज़ा लीजिये।
मेरा दावा है सब्जी खाने वाले अंगुलिया चाटते रह जायेंगे। पकाईये सबको खिलाईये....।

सुनीता शानू



Wednesday, January 30, 2013

लौकी या कद्दू के छिलके की सूखी चटनी




लौकी की या कद्दू की सब्जी बनाने से पहले छिलका उतार कर ना फेकें । इसकी स्वादिष्ट चटनी बनायें जो खिचडी या दाल चावल के साथ खूब जमती है ।

सामग्री
तेल २ चम्मच, हरी मिर्च बारीक कटी हुई २, तिल १ चम्मच, राई एक चुटकी, हींग एक चुटकी ,नमक स्वादानुसार ।
लौकी या कद्दू को धो कर उसका छिलका कद्दूकस कर लें । इसे सुखा लें । कढाई या फ्राय पैन में २ चाय के चम्मच तेल डालें । तेल गर्म होने पर राई तथा तिल डाल कर चटकायें अब कद्दूकस किया हुआ सूखा छिलका डालें, और हरी मिर्च डाल कर खूब चलायें । नमक डालें और चटनी को कुरकुरा होने तक भूनें ।
स्वदिष्ट सूखी चटनी तैयार ।

Tuesday, January 8, 2013

मेथी के लड्डू

आजकल पूरा उत्तर भारत सर्दी से बेहाल है। चूंकि सर्दी के दिनों में पाचन शक्ति अच्छी होती है; कई तरह की औषधियां घर में बना कर खाई जाती है। जैसे कि उड़द पाक ( अड़दिया) कौंच पाक, मेथी के लड्डू । 
आज आपको हम मेथी के लड्डू बनाने की विधी बता रहे हैं। इसे सर्दी में खाने से जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है और पौष्टिक तो यह है ही।
आईये मेथी के लड्डू बनाते हैं।
 
सामग्री 
मेथी का पाऊडर 250 ग्रा., 
देसी गौंद 200-250, 
ग्राम सूखे हुए नारियल गोला 2 (कटा हुआ कटोरी वाला नहीं लेना है), 
बादाम (मामरा) 250 ग्राम, 
गुड़ 500 ग्राम, 
शुद्ध घी 250 ग्राम,
आप चाहें तो इसमें काजू, इलायची दालचीनी, इलायची जैसी चीजें भी मिला सकते हैं।
 

पूर्व तैयारी: 
गोला नारियल को किस लें ( मिक्सी में कूटे नहीं) 
गौंद को अधकचरा कर थोड़ा -थोड़ा हल्की आँच पर घी में तल लें 
बादाम को भी अधकचरा कर लें (एकदम पाऊडर भी नहीं और बड़े टुकड़े भी नहीं)  

विधी:
एक बड़ी कडा़ही में घी को पिघलाएं। जब पिघल जाएं तब उसमें गुड़ डाल दें और अच्छी तरह मिलाएं। एकदम पिघल जाने पर अब उसमें एक एक कर सारी सामग्री डाल दें और अच्छी तरह हिलाएं। अगर घी की मात्रा ज्यादा लग रही हो तो 100 ग्राम गेहूं का आटा थोड़े घी में सेक कर मिश्रण में मिला लें। एक बार और अच्छी तरह मिला कर नींबू से थोड़े बड़े लड्डू बना लें और ठंडे कर लें।  

इन्हें डिब्बे में भर लें, और रोज सुबह जल्दी उठकर एक- दो लड्डू खाली पेट अच्छी तरह चबा चबा कर खाएं साथ में दूध पी सकते हैं। इसे खाने के बाद दो-तीन घंटे तक कुछ ना खाएं। संभव हो तो इस दौरान खट्टे और मसालेदार खाने से बचें।   

मेथी की वजह से लड्डू खाने पर ल्का सा कड़वापन लगेगा, परन्तु इसके गुण  और दूसरी सामग्रियों के मिलने के बाद इतने हल्के से कड़वेपन को सहन किया जा ही सकता है।


दूसरे तरीके से निशा मधुलिका जी से बनाना सीखिए।
http://nishamadhulika.com/498-methi-laddu-recipe.html

Friday, October 7, 2011

बेसन की भरवाँ मिर्चें

बेसन की भरवाँ मिर्चें बहुत स्वादिष्‍ट लगती है और बनाना भी बहुत आसान है। इसे बनाने के दो तरीके हैं। मैं इस विधी के साथ दोनों तरीके बता रहा हूँ।
सामग्री:
10 बढ़िया और मोटी हरी मिर्चें
बेसन आठ  छोटे चम्मच (उपर तक भरे हुए), राई जीरा, तड़का लगाने के लिए तीन चार टेबल स्पून तेल, नमक स्वादनुसार और आधे टेबल स्पून से थोड़ी कम हल्दी।
विधी:
  • हरी मिर्चों को अच्छी तरह से धो/ पोंछ कर उसका डंठल तोड़ दें, और उनमें उपर से नीचे तक एक लम्बा चीरा लगा कर उसमें से सावधानी से बीज निकाल दें। बीच निकालते समय चाकू की सहायता से निकालें अन्यथा हाथों में बहुत जलन होती है। (मेरे हाथों में दो दिन तक जलन रही)
  • एक बड़ी साइज के कटोरे में बेसन लेकर उसमें थोड़ी से हल्दी, स्वादानुसार नमक, थोड़ी राई और जीरा मिला लें। इसमें लाल मिर्ची बिल्कुल नहीं डालनी है। अन्यथा इसके स्वाद के साथ सब्जी का रंग भी अच्छा नहीं होगा।
  • इसमें पानी मिला कर इतना पतला करें कि जब हम इसे मिर्चों में भरें तब यह पूरा बाहर बहने ना लगे। यानि एकदम पतला या एकदम गाढ़ा नहीं होना चाहिए। अब इसमें एक चम्मच तेल डाल कर अचछी तरह से मिला कर मुलायम पेस्ट बना लें।
  • चम्मच की सहायता से इस घोल को सभी मिर्चों में भर लें, भरने के बाद भी बेसन का लगभग आधा घोल बचना चाहिए।
  • एक गहरे पैंदे की कड़ाही में तेल गर्म करें, राई डाल कर तड़का लें, जीरा डालें और सावधानी से एक-एक कर सारी मिर्चें उसमें रखते जायें।
  • बचे हुए बेसन में थोड़ा पानी डाल कर अच्छी तरह से मिला कर कड़ाही में डाल लें, लगभग मिर्चें पानी में डूब गई होंगी। सावधानी से इसे हिला लें। पानी बहुत ज्यादा भी नहीं होना चाहिए।
  • अब ढक्कन लगा लें थोड़ी देर रहने दें। बीच बीच में हिलाते रहें, याद रखें साइड और पैंदे में जो बेसन चिपक जाता है उसे निकाले नहीं, उसे चिपका रहने दें। यह बहुत स्वादिष्ट लगता है। कुछ देर में पानी उड़ जाएगा ( तेल भी दिखने लगेगा) अब गैस बन्द कर दें। आपकी बेसन की भरवाँ मिर्ची / बेसन की मिर्ची तैयार है। रोटी, पराठें या फुल्के के साथ खाएं।
दूसरी विधी:
  • बेसन को तवे पर भून लें, जब इसका रंग लाल होने लगे और सिकने की खुशबु आने लगे तो गैस बन्द कर दें और पहली विधी की तरह घोलन बना कर मिर्ची में भरें।
  • बेसन के घोलन के लिए पानी के साथ थोड़ा भी दही मिलाया जा सकता है।
बेसन की भरवाँ मिर्चें फ्राईपेन में ना बना कर किसी कड़ाही में बनाएं, क्यों कि नॉन स्टिक कड़ाही में बेसन साइड में चिपकता नहीं है। बेसन की मिर्ची में उसे अलग से खाने क एक अलग मजा है।