दाल मुरादाबादी
सामग्री:
धुली मूंग की दाल (एक मुठ्ठी प्रति व्यक्ति काफ़ी होती है)
स्वाद के हिसाब से नमक
एक या दो काग़ज़ी नींबू
छौंक के लिये: हिसाब से घी, थोड़ी सी हींग और पांच-दस साबुत लाल मिर्च
थोड़ा सा भुने जीरे का पाउडर
बनाने की विधि:
वैसे तो उस्तादों का कहना है कि इस दाल का स्वाद तभी आता है जब इसे चीड़ की सौंधी लकड़ियों की मंद आंच पर मिट्टी की हांडी में चार से पांच घन्टे पकाया जाय. लेकिन सुविधा के लिए प्रेशर कुकर से काम चलाया जा सकता है. कुकर में हिसाब से पानी और नमक डालकर आठ से दस मिनट तक पकाएं और इस पकी हुई दाल को बढ़िया से घोट लें. अगर ज़्यादा गाढ़ी दिख रही हो तो पानी डाल कर थोड़ा और उबाल लें. कुछ लोग इस में करी पत्ता भी डाल कर उबालते हैं.
इस में स्वाद के हिसाब ही से थोड़ा सा नींबू का रस और जीरे का पाउडर डाल कर फिर से घोटें.
इसमें स्वाद छौंक से आता है. छौंक के लिये घी में थोड़ी सी हींग और लाल मिर्चों का उपयोग किया जाता है. गरमागरम छौंक को चाहें तो पूरी दाल में डाल लें या अलग अलग कटोरों में. बस हो गई दाल मुरादाबादी तैयार. इस सुपाच्य और अतिस्वादिष्ट व्यंजन को खाने से पहले सूप की तरह परोसा जाता है.
(बनाने का समय: करीब चौदह मिनट तेईस सेकेंड)



