दाल रोटी चावल सदियों से नारी ने इसे पका पका कर राज्य किया हैं , दिलो पर , घरो पर। आज नारी बहुत आगे जा रही हैं सब विधाओं मे पर इसका मतलब ये नहीं हैं कि वो अपना राज पाट त्याग कर कुछ हासिल करना चाहती हैं। रसोई की मिलकियत पर से हम अपना हक़ तो नहीं छोडेगे पर इस राज पाट का कुछ हिस्सा पुरुषो ने होटल और कुछ घरो मे भी ले लिया हैं।

हम जहाँ जहाँ ये वहाँ वहाँ

Monday, October 20, 2008

नारियल बर्फी

नारियल बर्फी
सामग्री : खोया - ५० ग्राम , नारियल खिसकर -
२५ ग्राम , शक्कर - २५ ग्राम ,
घी - स्टील की थाली पर लगाने जितना -
केसर : ३ - ४ पत्ती गुनगुने दूध में भिगोकर
रीत : खोया हाथ से अच्छी तरह मिला कर एक कढाई
में हल्की आंच पर , चलाते हुए , धीमी आंच पर , पकाएं -
उसे सुफेद ही रहने दे --
अब , नारियल खिसा हुआ मिला लें -
१ मिनट तक - फ़िर , आंच से उतार लें --
शक्कर और केसर मिला लें
फ़िर घी लगी थाल पर अच्छी तरह बिछा लें -
चौकोर टुकड़े काट लें --
लीजिये, नारियल बर्फी , दीपावली के भोग के लिए
महालक्ष्मीजी जी को भोग लगाने के लिए तैयार है !

3 comments:

sidheshwer said...

जरूर बनायेंगे
भोग लगायेंगे
और उसके बाद खायेंगे
आप भी आयें
प्रसाद पायें

रचना said...

mam thanks
aap ne sab ko reminder dae diya ki diwali aa gayee haen jaldi jaldi
meethey meethey pakwaan alag alag pranto kae baanye aur blog par recipe share karey

diwali ki shubkamana sae es haftey ko shurur karey

अजित वडनेरकर said...

हमारी पसंदीदा मिठाई है जी....ज़रूर बनाई जाएगी...