दाल रोटी चावल सदियों से नारी ने इसे पका पका कर राज्य किया हैं , दिलो पर , घरो पर। आज नारी बहुत आगे जा रही हैं सब विधाओं मे पर इसका मतलब ये नहीं हैं कि वो अपना राज पाट त्याग कर कुछ हासिल करना चाहती हैं। रसोई की मिलकियत पर से हम अपना हक़ तो नहीं छोडेगे पर इस राज पाट का कुछ हिस्सा पुरुषो ने होटल और कुछ घरो मे भी ले लिया हैं।

हम जहाँ जहाँ ये वहाँ वहाँ

Wednesday, December 10, 2008

बैंगन के काप

सामग्री
२ बडे भरते वाले बैंगन (बीजों वाले न हों)
२ से ३ बडे चम्मच बेसन अगर हो तो १ चम्मच चांवल का पाउडर
आधा चम्मच धनिया पाउडर
आधा चम्मच लाल मिर्च
चौथाई चम्मच जीरा पाउडर
नमक स्वादानुसार
३-४ ब़डे चम्मच तेल
बेसन में चाँवल का पाउडर, जीरा, धनिया, नमक तथा मिर्च मिला लें ।
बैंगन को आधे इंच की गोल गोल चकतियों में काट लें ।
चकतियों को नमक मिर्च लगा कर रख दें ।
अब फ्राय पैन में तेल गरम करें और चकतियों को दोनो तरफ से बेसन के सूखे मिश्रण में लपेट कर
फ्राय पैन में सुनहरा कर लें ।
गरमा गरम सर्व करें

4 comments:

Manoshi said...

हम बंगाल में इसे बेगुनी कहते हैं। यमी...

रचना said...

yammy receipe , mam its after a long time you have sent one receipe
thanks

रंजना [रंजू भाटिया] said...

बढ़िया है यह

सुनीता शानू said...

waah muh mai pani aa gayaa, jaldi hi banate hain...