दाल रोटी चावल सदियों से नारी ने इसे पका पका कर राज्य किया हैं , दिलो पर , घरो पर। आज नारी बहुत आगे जा रही हैं सब विधाओं मे पर इसका मतलब ये नहीं हैं कि वो अपना राज पाट त्याग कर कुछ हासिल करना चाहती हैं। रसोई की मिलकियत पर से हम अपना हक़ तो नहीं छोडेगे पर इस राज पाट का कुछ हिस्सा पुरुषो ने होटल और कुछ घरो मे भी ले लिया हैं।

हम जहाँ जहाँ ये वहाँ वहाँ

Monday, November 30, 2009

आलू के पापड़ के समोसे

आलू के पापड
छुकी हुई हरी मटर
बारीक कटा हरा धनिया
बारीक कटी हरी मिर्च
छुकी मटर मे से पानी बिल्कुल निकाल दे और इस मे बारीक कटी हरी मिर्च और धनिया मिला कर मेष कर ले । नमक और पिसी काली मिर्च स्वाद अनुसार डाले ।

जितना बड़ा पापड़ हैं उसी डायामीटर के मुहं वाला एक बर्तन ले कर उसमे पानी गरम करे । इसके ऊपर एक बारीक छेड़ वाली छन्नी रख दे उस छन्नी पर पापड़ रख कर स्टीम दे । स्टीम उतनी ही दे जितने मे पापड मुलायम हो जाए । अब इस पापड को चकले या बोर्ड पर दो भागो मे काट दे । एक एक भाग मे समोसे के शेप का आकार बनाए और उसमे मटर का मसाला भर दे । इसके मुंह को बंद करने के लिये मेदे को पानी मे घोल ले । दो मिनट सूखने दे और तुरंत तल ले ।

आज कल आवला मिल रहा हैं उसकी चटनी के साथ परोसे , गरमा गर्म समोसे आलू के पापड के ।

अगर दाल के पापड़ ले तो उसमे मटर के साथ उबला आलू भी मिक्स कर ले


आलू के पापड सबसे स्वादिष्ट बनारस मे बनते हैं १२" के वृत्त के और काफी मोटे भी होते हैं । दिल्ली मे भी ये आप को कई दुकानों पर मिल जायेगे ।

3 comments:

Udan Tashtari said...

पहली बार सुना!!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

आजमा कर देखेंगे!

Dileepraaj Nagpal said...

Pravaasi Hain to Ham Try Karenge...