दाल रोटी चावल सदियों से नारी ने इसे पका पका कर राज्य किया हैं , दिलो पर , घरो पर। आज नारी बहुत आगे जा रही हैं सब विधाओं मे पर इसका मतलब ये नहीं हैं कि वो अपना राज पाट त्याग कर कुछ हासिल करना चाहती हैं। रसोई की मिलकियत पर से हम अपना हक़ तो नहीं छोडेगे पर इस राज पाट का कुछ हिस्सा पुरुषो ने होटल और कुछ घरो मे भी ले लिया हैं।

हम जहाँ जहाँ ये वहाँ वहाँ

Tuesday, June 10, 2008

नन्हें मुन्नों के लिए टेस्टी क्ले

नन्हें मुन्नों के लिए भी एक स्वादिष्ट व्यंजन होना चाहिए....यह सोचा तो बच्चों का बचपन याद आ गया, साथ ही याद आया उनका मिटटी खाना.. फ़िर याद आया कि कैसे अपने बच्चों को बहलाते और मिटटी से दूर रखते थे ..पार्क जाने से पहले दिन में एक बार घर में ही मिटटी बना कर खेल खेल में खिलाते और फ़िर बाहर निकलते .... आप भी आजमा कर देखिये...





चार बड़े चम्मच = पीनट बटर
एक बड़ा चम्मच = शहद
एक कप = मिल्क पाउडर

अपने हाथ अच्छी तरह धोकर एक खुली थाली में सब चीजों को एक साथ मिला कर आटे की तरह गूँथ लें.... फ़िर अलग अलग आकार में बच्चों के सामने परोस दें.... खाने को बिल्कुल न कहें..बस आकार बना बना कर उनके सामने रखते रहें और उन्हें तोड़ने दें...
बच्चे अगर खेल खेल में एक छोटा चम्मच भी खा लें तो बहुत है... बची हुई मिटटी को डिब्बे में बंद करके फ्रिज़ में रखें... अगले दिन कोशिश करें नही तो कड़क टोस्ट पर लगा कर शाम के नाश्ते में दूध के साथ बड़े बच्चों को दें और ख़ुद भी चाय के साथ लें सकते हैं... ... (अगर कैलोरी को जला सकते हैं तो ...)

5 comments:

mamta said...

मीनाक्षी जी लगता है अब मिटटी खानी ही पड़ेगी। :)

mehek said...

bahut hi lajawab receipe,i dont mid caloreis:)

रंजू ranju said...

बढ़िया है यह तो ..मिटटी खायेंगे जरुर यह वाली :)
पर यह केलोरी का डर मत दिखाओ न :)

Lavanyam - Antarman said...

अरे वाह ..ये बच्चोँ को बहलानेवाली क्ले तो बडी अच्छी लगी मीनाक्षी जी :)

Ila's world, in and out said...

मेरी बिटिया तो बडी हो गई है फिर भी एक बार ये खाने वाली मिट्टी बनाने से अपने आप को रोक नहीं पा रही हूं.