दाल रोटी चावल सदियों से नारी ने इसे पका पका कर राज्य किया हैं , दिलो पर , घरो पर। आज नारी बहुत आगे जा रही हैं सब विधाओं मे पर इसका मतलब ये नहीं हैं कि वो अपना राज पाट त्याग कर कुछ हासिल करना चाहती हैं। रसोई की मिलकियत पर से हम अपना हक़ तो नहीं छोडेगे पर इस राज पाट का कुछ हिस्सा पुरुषो ने होटल और कुछ घरो मे भी ले लिया हैं।

हम जहाँ जहाँ ये वहाँ वहाँ

Wednesday, June 25, 2008

चने की दाल की पकौडी

आजकल तो बारिश चल ही रही है तो क्यूँ आज चने की दाल की पकौडी बना ली जाएकहिये क्या ख़्याल है

सामग्री--
चने की दाल-- कटोरी
प्याज-- बारीक कटा हुआ (छोटा)
हरा धनिया--बारीक कटा हुआ
हरी मिर्च -- बारीक कटी हुई
नमक -- स्वादानुसार
आयल--फ्राई करने के लिए

विधि-- चने की दाल को धो कर आधे से एक घंटे की लिए भिगा देउसके बाद पानी फेंक कर दाल को मिक्सी मे थोड़ा दरदरा सा पीस लेअब इस पीसी हुई दाल मे कटा हुआ प्याज ,हरा धनिया ,हरी मिर्च और नमक मिला लेअब कढाई मे तेल गरम करे और छोटी-छोटी पकौडी फ्राई कर लेतो बस गरमा -गरम पकौडी और अपनी मनपसंद चटनी के साथ बारिश का लुत्फ़ उठाइए। :)

नोट-- दाल को बहुत महीन नही पीसना है वरना कुरकुरा पन कम हो सकता है

8 comments:

nav pravah said...

यम्मी.........मुंह में पानी आ गया जी.कभी हमें भी आमंत्रित कीजिये.हम भी तो चखें...
आलोक सिंह "साहिल"

रंजू ranju said...

दाल भिगो दी है जी .बारिश भी आने को है . बना के आपको सूचना देते हैं की कैसी बनी

advocate rashmi saurana said...

aaj hi bana ke khate hai. par muha mei to abhi se pani aa rha hai. aabhar sikhane ke liye.

कुश एक खूबसूरत ख्याल said...

अब याद मत दिलाइए ममता जी... मुँह में पानी आ जाता है

mehek said...

vaise hi pakode ka naam sunkar muh min pani aagya,ab ghar jak bana bhi lenge,khayenge bhi:):)mast receipe

मीनाक्षी said...

यहाँ बारिश नहीं हो रही फिर भी हम बनाने की सोच रहे हैं... समुन्दर के किनारे लहरों में भीगते भीगते खाने की सोच रहे हैं...

bhairu charan said...

क्या बात हे

bhairu charan said...

हमारे यहाँ बहुत अच्छी बारिश हो रही हे मैने दाल गला दी