दाल रोटी चावल सदियों से नारी ने इसे पका पका कर राज्य किया हैं , दिलो पर , घरो पर। आज नारी बहुत आगे जा रही हैं सब विधाओं मे पर इसका मतलब ये नहीं हैं कि वो अपना राज पाट त्याग कर कुछ हासिल करना चाहती हैं। रसोई की मिलकियत पर से हम अपना हक़ तो नहीं छोडेगे पर इस राज पाट का कुछ हिस्सा पुरुषो ने होटल और कुछ घरो मे भी ले लिया हैं।

हम जहाँ जहाँ ये वहाँ वहाँ

Saturday, July 26, 2008

सहयोग दे ताकि साँझा चूल्हा जलता रहे ।

दाल रोटी चावल ब्लॉग के लिये विधियाँ आमन्त्रित हैं । इस ब्लॉग पर रेसिपी भेजे अलग अलग प्रान्तों कि ताकि कुछ नयी पुरानी रेसिपी का एक अच्छा ब्लॉग बन सके । सहयोग दे ताकि साँझा चूल्हा जलता रहे ।

1 comment:

Avtar Meher Baba said...

Respected Madam,
Thank you for your post on indian food concept (chandar30.blogspot.com). You can aslo visit indianfoodconcept.blogspot.com (In English) for more information. Please do visit again. I am also thankful to you beacause, because of your comment I could visit your blog Daal Chaawal Roti. Its wonderful congratulations to you.
Keep writing.
Regards
Dr. Kinjulck C. Singh
Dr. Chandrajiit Singh
chandar30@gmail.com
kvkrewa.blogspot.com
indianfoodconcept.blogspot.com