दाल रोटी चावल सदियों से नारी ने इसे पका पका कर राज्य किया हैं , दिलो पर , घरो पर। आज नारी बहुत आगे जा रही हैं सब विधाओं मे पर इसका मतलब ये नहीं हैं कि वो अपना राज पाट त्याग कर कुछ हासिल करना चाहती हैं। रसोई की मिलकियत पर से हम अपना हक़ तो नहीं छोडेगे पर इस राज पाट का कुछ हिस्सा पुरुषो ने होटल और कुछ घरो मे भी ले लिया हैं।

हम जहाँ जहाँ ये वहाँ वहाँ

Saturday, July 31, 2010

"सग पैता " खाना खुद बनाये बड़ा मज़ा आता हैं जब कोई डिश परफेक्ट बनती हैं

सग पैता
यानी यू पी मे बनने वाली
पलक+छिलका उरद दाल
या
बथुआ + छिलका उरद दाल

एक गड्डी पालक या बथुआ का साग साफ़ किया और मोटा मोटा कटा हुआ
१ कटोरी काली छिलका उरद कि दाल
२ जवा लहसून
बारीक कटा एक छोटा प्याज
२ साबुत सुखी लाल मिर्च { या जितने खाने वाले हो उनके हिसाब से }
चुटकी भर हींग
चुटकी भर हल्दी
नमक स्वाद अनुसार पर ये ध्यान रहे साग मे अपना भी नमक होता हैं
देसी घी

पलक और उरद कि दाल को धो कर प्रेशर कूकर मे पानी डाल कर गैस पर रखे { पानी बस इतना डाले कि साग उअर दाल उसमे डूब जाए क्युकी साग का अपना पानी पकने पर छूटेगा } इसमे नमक , हल्दी दाल कर प्रेशर लगा कर पकने के लिये रख दे ।
तीन सीटी मे दाल पाक कर तैयार हो जाएगी । अब प्रेशर निकाल कर गैस पर इसको धीमी आंच पर तक़रीबन १/२ घंटे पकाए । मथानी से इसको मथ दे ताकि साग उअर दाल आपस मे मिल जाये

अब इस दाल मे छोक लगाने के लिये खूब सारा देसी घी गरम करे और उसमे बारीक कटा प्याज { प्याज लम्बा हो चकोर नहीं } भुने जब तक लाल ना हो जाये । इसमे काला जीरा , साबुत लाल मिर्च , कटा लहसून और हिंग दाल कर लाल करे और पूरी कटोरी घी कूकर मे दाल दे ।

अब इस दाल को परोसे और चावल के साथ स्वाद ले कर खाए

खाना खुद बनाये बड़ा मज़ा आता हैं जब कोई डिश परफेक्ट बनती हैं केवल रेसीपी की बात करना बेकार होता हैं !!!! ज़रा बना कर बताये कैसी बनी

5 comments:

Arvind Mishra said...

शुक्रिया!

Mrs. Asha Joglekar said...

घी की खुशबू यहां तक आ रही है । बनाकर बतायेंगे कैसी बनी । इसी तर्ज पर छोला साग भी बनता है कभी डालूंगी उसकी भी रेसिपी ।

Abhishek said...

मम्मी बनाती थी पहले. काफी समय हो गया खाए. अबकी घर जाऊंगा तो बोलूँगा बनाने के लिए :)

सत्यप्रकाश पाण्डेय said...

शुक्रिया,
कृपया अपने बहुमूल्य सुझावों और टिप्पणियों से हमारा मार्गदर्शन करें:-
अकेला या अकेली

''अम्बरीष मिश्रा '' said...

दाल रोटी चावल , ब्लोग
जैसे खाना बिन सलाद ,
गरीब कि जरुरत -
और मज़्बूरी ,


और ब्लोग मे है ,
कई मजेदार लज़ेदार मसाले दार पक्वान
पर कही खो ग्या है दाल रोती और चावल

जो . . . . .


जो सैक्ड्ओ साल से हमारी भूख मिताता है