दाल रोटी चावल सदियों से नारी ने इसे पका पका कर राज्य किया हैं , दिलो पर , घरो पर। आज नारी बहुत आगे जा रही हैं सब विधाओं मे पर इसका मतलब ये नहीं हैं कि वो अपना राज पाट त्याग कर कुछ हासिल करना चाहती हैं। रसोई की मिलकियत पर से हम अपना हक़ तो नहीं छोडेगे पर इस राज पाट का कुछ हिस्सा पुरुषो ने होटल और कुछ घरो मे भी ले लिया हैं।

हम जहाँ जहाँ ये वहाँ वहाँ

Wednesday, April 30, 2008

पिठलं - भात

अचानक मेहमान आ जायँ तो १०-१५ मिनट में बनने वाला
सरल और स्वादिष्ट मेनू है पिठलं भात । महाराष्ट्र में ज्यादा तर
घरों में यह बनता ही है । पर यह इमर्जेन्सी मेनू है । वैसे हम तो इसे शौक
से भी खाते हैं ।

पिठलं –
सामग्री - १ कटोरी बेसन, एक प्याज बारीक कटा हुआ, २-३ हरी मिर्च कटी हुई , हरा धनिया कटा हुआ , पानी आधा लिटर ।
तडके लिये - तेल २ बडे चम्मच, हींग चुटकी भर, राई या काली सरसों आधी चम्मच, हलदी चौथाई चम्मच, लाल मिर्च पिसी हुई आधी चम्मच, स्वादानुसार नमक
सबसे पहले बेसन में पानी मिलाकर घोल बना लें और नमक मिला लें । अब
तेल गरम करें । फिर उसमें हींग डाल कर राई चटकाय़ें, अब इसमें प्याज डाल कर भूनें,. हरी मिर्च डालें। बाकी मसालें डाल कर अच्छी तरह चला लें फिर बेसन का घोलडाल कर पका लें । उबलनें के साथ ही यह पक जायेगा । हरा धनिया डाल कर भात के साथ गरम गरम सर्व करें ।
भात- आपको पिठलं बनाने से पहले ही पकने के लिये रखना होगा तभी साथ में तैयार होगा ।। वैसे य़ह रोटी के साथ भी खूब जमता है ।

9 comments:

रंजू ranju said...

अच्छी और झटपट वाली व्यंजन विधि है यह ..आज ही इसको बना के देख लेते हैं ..:) शुक्रिया आशा जी इसको यहाँ शेयर करने के लिए :)

रचना said...

yae chatpat jhatpat banney waalii receipe bahut kaam ki haen , ab garmiyaan aa rahee haen so behney aur bhanje bhanjiyaa aayegae aur variety mae is ko jarur banaaugii

काकेश said...

अरे इसको पिठलं भी कहते है..हम तो इसे कड़ी के एक वैरियेंट की तरह ना जाने कब कब बनाते हैं. कभी कभी इसमें राई के साथ नीम-पत्ता और साबुत लाल मिर्च भी डाल सकते है.तब इसमें हरा धनिया ना डालें.जब बैचलर थे तब अक्सर यह ही बनाते थे.:-)ज्यादा जल्दी हो तो बिना प्याज के भी बना सकते हैं.

mehek said...

aare wa,pithala bhat kadachit saglya marathi lokanche aavadte jevan:):),aasha ji ek da aapla mast bharleli vangi cha khamang rassa receipe suddha sanga na,khas marathmoli ekdam:):)

Udan Tashtari said...

कड़ी टाईप का आईटम लग रहा है यह तो!

anitakumar said...

आशा जी दाल रोटी चावल पर पोस्त देने का शुक्रिया। पिठला हमारा भी मन पसंद व्यंजन है। अक्सर अपनी सहेलियों से फ़र्माइश कर बनवाते हैं । वांगी भात और कोतमवड़ी का हमें भी इंतजार है।

anitakumar said...

काकेश जी आप की पहाड़ी डिश का अभी भी इंतजार है। समीर जी जबलपुर की किचन से हमारा तार्रुफ़ करवाइए

Lavanyam - Antarman said...

पिटळ , तो हमेशा स्वादिष्ट लगता है चने के आटे की हर चीज मुँह लो लगे तो बस खाते ही रहो
आशा जी ,
खास मराठी व्यँजन के बारे मेँ लिखियेगा
जैसे : "ग़णपति चे मोदक " विषयी लिव्हाँ तर बरे :)...

Mrs. Asha Joglekar said...

आप सबका शुक्रिया । जरूर कोशिश करूंगी आप लोगों के फर्माइशी व्यंजनों की विधी लिखने की ।