दाल रोटी चावल सदियों से नारी ने इसे पका पका कर राज्य किया हैं , दिलो पर , घरो पर। आज नारी बहुत आगे जा रही हैं सब विधाओं मे पर इसका मतलब ये नहीं हैं कि वो अपना राज पाट त्याग कर कुछ हासिल करना चाहती हैं। रसोई की मिलकियत पर से हम अपना हक़ तो नहीं छोडेगे पर इस राज पाट का कुछ हिस्सा पुरुषो ने होटल और कुछ घरो मे भी ले लिया हैं।

हम जहाँ जहाँ ये वहाँ वहाँ

Friday, May 9, 2008

आलू झोल एक आसान सी कम मसाले वाली सब्जी

भाई अब इतनी गर्मी हैं सो सोचा एक आसान सी कम मसाले वाली सब्जी बनाली जाए जो कम समय मे बन जाए
आलू उबले हुए २५० ग्राम
दही खटा २५० ग्राम
साबुत लाल मिर्च ३
काला जीरा १ छोटी चम्मच
हल्दी पिसी आधा छोटा चम्मच
लाल मिर्च पिसी आधा छोटा चम्मच
नमक स्वाद अनुसार
धारा ३ छोटा चम्मच
देसी घी १ छोटा चम्मच

हरी मिर्च २
दही को मथ ले और उसमे एक कटोरी पानी डाल कर उसको पतला कर ले
एक कड़ाई मे धारा डाले और गरम होने पर दो लाल साबुत मिर्च इस मे डाल दे ।

मिर्च जैसे ही लाल से ब्राउन हो उसमे काला जीरा आधा छोटा चम्मच डाल दे । जीरा चटक जाए तो उसमे हल्दी और लाल मिर्च डाल दे और उसके बाद आलू डाले । आलू को काटे नहीं बल्कि छोटे छोटे टुकडे कर ले। अब इस मिक्सचर को धीमे आंच पर खूब चला कर भुन ले जिस से हल्दी मिर्च जीरा आलू मे लिपट जाये । अब इसमे नमक डाले । इस के बाद इसमे दही का घोल डाले और एक उबाल आने दे । उबाल आने के बाद इस मे एक कटोरी पानी और डाले और फिर धीमी आंच पर सब्जी को पकने दे । ये सब्जी ज्यादा गाढी नहीं की जाती हैं । ५ मिनट बाद सब्जी तैयार हो जायेगी ।
देसी घी को गर्म करके उसमे बचा हुआ जीरा , लाल मिर्च साबुत , पिसी लाल मिर्च अगर आप तीखा खाते हैं तो , और २ हरी मिर्च डाल डाल कर बघार तैयार करले और सब्जी को जिस बर्तन मे परसना है उसमे डाल कर ये बघार उसमे लगा दे ।
आलू झोल तैयार हैं , सादे चावल के साथ बहुत स्वादिष्ट लगता हैं । गर्मी मे बनाना भी आसन और पेट के लिये हल्का भी होता हैं

एक टिप
उबले आलू फ्रेश उबले होगी तो सब्जी का स्वाद ज्यादा होगा । हरी मिर्च घी मे चटक जाती हैं इसलिये उसके ऊपर की डंडी काट दे । और हरी मिर्च जितने लोग हैं उस हिसाब से डाले ताकि सबकी कटोरी मे एक एक हरीमिर्च हो

10 comments:

anitakumar said...

वाह रचना आज तुम्हारी किचन में पहुच गये। आलू तो मेरी पंसदीदा सब्जी है ही और झोल तो बेस्ट मां बेस्ट्। जहां तक मुझे याद है बचपन में यू पी में एक और आलू की सब्जी बनती थी बहुत ही पतली पर बहुत टेस्टी, एक दम कम मसाले वाली पर उसमें दही नहीं पड़ता था। अगर वो भी आती हो तो बताइए। मुझे वो बहुत पंसद थी। हैल्लो सोनाली सुन रही हो न

mamta said...

रचना बढ़िया और आसान रेसिपी बताने का शुक्रिया।

Ila's world, in and out said...

बहुत झट्पट बन जाने वाली सब्ज़ी,मज़ा आ गया.

रंजू ranju said...

यह तो बहुत आसान है बनाना शायद इसको हरिद्वारी आलू भी कहते हैं ?

Lavanyam - Antarman said...

आलु झोल खिचडी या चावल और पुलाव के साथ बढिया लगती है :)
- लावण्या

सुनीता शानू said...

हाँ यह बहुत आसान और बच्चों की पसंद भी है...

अंकित माथुर said...

मै ये डिश पिछले २५ सालो से खाता आ रहा हूं।
मेरी माता श्री इसे दो विधियों से बनाती हैं, एक
दही वाली जो कि आपने बताई है, और एक
नींबू वाली। बेहद चाव से खाये जाने वाली डिश है,
हम तो इसे आलू के परांठों, चावल और कभी कभी
ब्रेड सेंक कर खाते हैं।
बडी मज़ेदार डिश है।

नीरेंद्र नागर said...

आज हम भी यह सब्जी बनाने जा रहे हैं। धन्यवाद।

jenifer lewi said...

wah majaa aa gayaa jaldi bannewali dish .

sohan said...

Bahut achha me use ajmaunga