दाल रोटी चावल सदियों से नारी ने इसे पका पका कर राज्य किया हैं , दिलो पर , घरो पर। आज नारी बहुत आगे जा रही हैं सब विधाओं मे पर इसका मतलब ये नहीं हैं कि वो अपना राज पाट त्याग कर कुछ हासिल करना चाहती हैं। रसोई की मिलकियत पर से हम अपना हक़ तो नहीं छोडेगे पर इस राज पाट का कुछ हिस्सा पुरुषो ने होटल और कुछ घरो मे भी ले लिया हैं।

हम जहाँ जहाँ ये वहाँ वहाँ

Wednesday, May 21, 2008

गुड्म्मा

आजकल वैसे भी गर्मी का और कच्चे आमों का मौसम है तो क्यों ना कुछ अचार बनाया जाए तो अब अपनी अगली - पोस्ट मे हम आपको आम का मीठा अचार,आम का हींग मिर्चे का अचार,और आम और चने का अचार भी बताएँगे पसंद आए तो बना लीजियेगा वरना ..... :)

तो आज की शुरुआत गुड्म्मा से करते है नाम तो सुना ही होगा और अगर नही सुना है तो हम बता देते है इस नाम की संधि विच्छेद करके गुड़ +आम यानी गुड्म्मा फ्लैश की वजह से फोटो जरा चमकती सी आई है :)


सामग्री--
किलो कच्चा आम
गुड़ --२०० ग्राम
पंच फोडन (जीरा,मेथी,मंगरैल या कलौंजी सौंफ,ओर- साबुत लाल मिर्च )
लहसुन (अगर खाते है तो ठीक वरना बिना लहसुन के भी बना सकते है )
सरसों का तेल -- छोटे चम्मच
नमक--थोड़ा सा वरना ये ज्यादा नमकीन हो जायेगा ( एक preservative के तौर पर )
लाल मिर्च--बहुत थोडी यानी बस नाम के लिए


विधि--
सबसे पहले आम को छील कर उसके छोटे-छोटे लंबे टुकड़े काट ले और लहसुन छील लेअब एक कढाई मे चम्मच सरसों का तेल डाल कर गर्म होने पर उसमे पंच फोडन डाले और फ़िर उसमे कटा हुआ आम और साबुत छिला हुआ लहसुन डालेऔर एक-दो मिनट तक इसे भून ले और फ़िर इसमे करीब - गिलास पानी डाले और साथ मे ही गुड़ ,नमक,और लाल मिर्च डाल दे और बस धीमी आंच पर पकाते रहे और बीच-बीच मे चलाते रहे और जब ये पकने लगेगा तो ये गाढा हो जायेगा बस तैयार है गुड्म्मा

नोट -- गुड्म्मा पराठे और पूड़ी के साथ खाने मे बहुत अच्छा लगता है

और हाँ याद आया इसे गलका भी कहते है ये यू.पी.वगैरा मे शादी-ब्याह मे खूब बनता है

3 comments:

रचना said...

launjii bhi kehtae haen , bahut badiyaa bantaa haen

nadeem said...

ममताजी मुझ जैसे नियत ख़राब के सामने किस चीज़ की तस्वीर लगा दी आपने. मगर मेरी माँ की शामत आगई न.लगता है कल ही आम लाकर देने पड़ेंगे. ये हमारे घर की सबसे ज़बरदस्त चीज़ है.

रंजू ranju said...

यह पहली बार पढ़ा ..बना के बताते हैं आपको की क्या बना हमसे यही की कुछ और :)