दाल रोटी चावल सदियों से नारी ने इसे पका पका कर राज्य किया हैं , दिलो पर , घरो पर। आज नारी बहुत आगे जा रही हैं सब विधाओं मे पर इसका मतलब ये नहीं हैं कि वो अपना राज पाट त्याग कर कुछ हासिल करना चाहती हैं। रसोई की मिलकियत पर से हम अपना हक़ तो नहीं छोडेगे पर इस राज पाट का कुछ हिस्सा पुरुषो ने होटल और कुछ घरो मे भी ले लिया हैं।

हम जहाँ जहाँ ये वहाँ वहाँ

Friday, November 21, 2008

चौरीठा की रेसिपी

रेखा ने अपनी पोस्ट पकौड़े कटहल के नए स्वाद में! चौरीठा का जिक्र किया हैं । यू पी मे रहने वाले ज्यादा तर लोग चौरीठा से जरुर परिचित होगे । लेकिन प्रबुद्ध ब्लॉगर रेसिपी का ब्लॉग नहीं पढ़ते है । ये भी भला कोई ब्लोगिंग हुई !! ख़ैर आम ब्लॉगर के लिये चौरीठा बनाने की विधि

एक कटोरी चावल सेला या जो भी चावल आप लेना चाहे , रात भर पानी मे भिगो दे । सुबह इसको पीस ले । अगर सख्त और कुरकुरी पकोड़ी पसंद हैं तो इसको मोटा और दरदरा पीसे { जिनके दांत मजबूत हो उनके लिये !!} और अगर मुलायम पकोड़ी पसंद हो तो इसको महीन पीसे । अगर ये सिल बट्टे पर पीसा जाता हैं तो बहुत बढिया बनता हैं पर मिक्सी मे भी सही पिसता हैं बस पानी नहीं के बराबर डालना होगा ।

लीजिये चौरीठा तैयार हैं , पहले जिमीकंद की पकोड़ी भी बनाई हैं इस मे और आगे मटर के छिलकों की बहुत ही स्वादिष्ट पकोड़ी बनाएगे

कब ??? ज़रा मटर का भाव नीचे आजाये आज कल ६० रुपए किलो हैं सो कटहल की बनाये क्युकी कटहल सिर्फ़ २० रुपए किलो हैं ।

3 comments:

mehek said...

pehli baar suna inke barien mein,achha laga

Vidhu said...

is mousam main kathal miltaa hai kyaa?

Anonymous said...

vidhu ji
kathal is mausam maebhu mil rahaa haen . mandi mae hamesha uplabdh hota haen par aam tor sae log garmi mae hee isae khana pasand kartey . lekin snaks kae liyae aaj kal bhi haen
rachna