दाल रोटी चावल सदियों से नारी ने इसे पका पका कर राज्य किया हैं , दिलो पर , घरो पर। आज नारी बहुत आगे जा रही हैं सब विधाओं मे पर इसका मतलब ये नहीं हैं कि वो अपना राज पाट त्याग कर कुछ हासिल करना चाहती हैं। रसोई की मिलकियत पर से हम अपना हक़ तो नहीं छोडेगे पर इस राज पाट का कुछ हिस्सा पुरुषो ने होटल और कुछ घरो मे भी ले लिया हैं।

हम जहाँ जहाँ ये वहाँ वहाँ

Tuesday, June 23, 2009

एक टिप दही बड़े बनाने हो तो बहुत काम आती हैं

जब भी उर्द की दाल के दही बड़े बनाने हो तो रात मे दाल भिगोते समय ही उसमे खाने वाला सोडा मिला दे । सुबह दाल
को धो कर पीस ले । इस प्रकार से बड़े मे तैल कभी नहीं भरेगा ।

6 comments:

Science Bloggers Association said...

उपयोगी सुझाव।

-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

संगीता पुरी said...

उपयोगी जानकारी के लिए धन्‍यवाद।

Nirmla Kapila said...

बडिया सुझाव आभार्

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

मुँह में पानी आ गया।
अच्छी टिप दी है।
धन्यवाद।

alkagoel said...

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सुलभ सतरंगी said...

waah bhai! Achchaa tips diya aapne.