दाल रोटी चावल सदियों से नारी ने इसे पका पका कर राज्य किया हैं , दिलो पर , घरो पर। आज नारी बहुत आगे जा रही हैं सब विधाओं मे पर इसका मतलब ये नहीं हैं कि वो अपना राज पाट त्याग कर कुछ हासिल करना चाहती हैं। रसोई की मिलकियत पर से हम अपना हक़ तो नहीं छोडेगे पर इस राज पाट का कुछ हिस्सा पुरुषो ने होटल और कुछ घरो मे भी ले लिया हैं।

हम जहाँ जहाँ ये वहाँ वहाँ

Friday, April 22, 2011

स्वादिष्ट और पौष्टिक पैनकेक!

पैनकेक या चीला बड़ी मस्त चीज़ होती है। बनाने में आसान और खाने में मजेदार। सबसे अच्छी बात ये है कि किसी भी चीज़ का पैनकेक बना सकते हैं।

तो इस 'अच्छे शुक्रवार' यानी गुड फ्राइडे पर मैंने एक नया प्रयोग करने की सोची और बनाया एक पैनकेक जो काफी आसान था और किस्मत अच्छी थी सो खाने में भी अच्छा लगा :)

कोई ख़ास सामग्री की ज़रुरत नहीं।
कॉर्न : एक कप
हरी मटर: एक कप
उबले आलू: दो
पनीर: २ छोटे कप (कसा हुआ, नहीं तो पनीर कप में थोड़ी ना मापा जाता है!)
ब्रेड: २ स्लाइस
नमक, मिर्च: स्वादानुसार
हरी धनिया/हरी मिर्च: अगर चाहें तो

कॉर्न और मटर को २-३ मिनट थोड़ा सा उबाल लीजिये, या ३ मिनिट माइक्रोवेव कर लीजिये। ब्रेड के छोटे छोटे टुकड़े कर लीजिये। आलुओं को मैश कर लीजिये. इन सब चीज़ों को मिला लीजिये, थोड़ा नमक मिर्च, धनिया आदि मिला लीजिये. इस पूरी सामग्री को मिक्सी में डाल कर १ मिनिट के लिए अच्छी तरह चला दीजिये. बहुत ज्यादा भी मत पीसियेगा नहीं तो कॉर्न और मटर बिलकुल ही गायब हो जाएंगे और आपके पैनकेक की सुन्दरता कम हो जाएगी :)

आपका पैनकेक मिश्रण तैयार है. इसमें थोड़ा पानी डाल दीजिये और मिला दीजिये ताकि ये आसानी से तवे पर फ़ैल सके. तवे पर तेल लगाइए और मिश्रण को अच्छी तरह से फैला दीजिये. दोनों तरफ पकाइए और गरमा गर्म परोसिये!

13 comments:

योगेन्द्र पाल said...

जानकारी देने के लिए आभार

अपने इस तरह के लेखों में रसोई, खान-पान, पकवान इनमे से कोई एक अथवा सभी टैग जरूर लगाएं, इससे आपका लेख "अपना ब्लॉग" पर अधिक समय तक मुख्य पेजों पर दिखाई देता रहेगा और ज्यादा पढ़ा जायेगा|

टैग क्यूँ आवश्यक हैं यह जानने के लिए मेरे ये लेख पढ़ सकते हैं

अब कोई ब्लोगर नहीं लगायेगा गलत टैग !!!
पाठकों पर अत्याचार ना करें ब्लोगर

रचना said...

thank you for this receipe

मीनाक्षी said...

सरल और स्वादिष्ट विधि ...जल्दी ही बनाते हैं.. शुक्रिया

Mrs. Asha Joglekar said...

अरे वाह इसे तो बनाना पडेगा ।

देवेन्द्र पाण्डेय said...

अब हरी हरी मटर कहां मिलेगी ?

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!

Udan Tashtari said...

बना कैसा? :)

Richa P Madhwani said...

http://shayaridays.blogspot.com

dipakkumar said...

nice blog mere blog me bhi aaye dil ki jubaan

Vivek Jain said...

आसान रेसिपी, आभार,
विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

Dr.Sushila Gupta said...

aapka blog sabse alag
padhkar bahut acha laga .mai jaroor try karungee. thanks.

Dr.Bhawna said...

jarur dekhenge banakar..

deepakchaubey said...

http://hindi-kavitayein.blogspot.com/